US Iran CeasefireUS Iran Ceasefire

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान एक ऐसे समझौते के करीब हैं जिसमें 60 दिन का संघर्ष विराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की बात है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में संभावनाओं की ओर इशारा किया, वहीं ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने भी “एमओयू पर काम जारी” कहकर सकारात्मक संकेत दिए। इस बीच एक रिपोर्ट ’60 डे डील’ की बात कर रही है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान एक ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर करने के बेहद करीब हैं जिसमें 60 दिनों के संघर्ष विराम विस्तार का प्रस्ताव शामिल है। इस अवधि के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोला जाएगा, ईरान को स्वतंत्र रूप से तेल बेचने की अनुमति होगी और उसके परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर बातचीत की जाएगी। यह जानकारी एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दी है।

रिपोर्ट के अनुसार, समझौता ज्ञापन के तहत इन 60 दिनों के दौरान होर्मुज बिना किसी टोल शुल्क के खुला रहेगा। ईरान उन समुद्री बारूदी सुरंगों (माइंस) को हटाने पर भी सहमत होगा जिन्हें उसने कथित तौर पर बिछाया है, ताकि जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रह सके।

इसके बदले में, प्रस्तावित समझौते के तहत अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए अपने प्रतिबंध हटाएगा और कुछ प्रतिबंधों में छूट देगा, जिससे ईरान को खुलकर तेल बेचने की अनुमति मिल सके। मसौदा समझौते में ईरान की यह प्रतिबद्धता भी शामिल है कि वह कभी परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेगा। साथ ही, वह अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को सस्पेंड करने और अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को हटाने पर बातचीत करेगा।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस समझौते के तहत इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष समाप्त किया जाएगा। हालांकि, यदि हिज्बुल्लाह किसी हमले की शुरुआत करता है या हमला करता है, तो इजरायल को जवाबी कार्रवाई करने की अनुमति होगी।

अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “अगर हिज्बुल्लाह शांत रहता है, तो इजरायल भी शांत रहेगा। नेतन्याहू (बिबी) की अपनी घरेलू राजनीतिक चिंताएं हैं, लेकिन ट्रंप को अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था के हितों के बारे में सोचना है।”

रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बातचीत में कई मुद्दों पर चिंता व्यक्त की। एक्सियोस के अनुसार, ईरान ने मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका को मौखिक आश्वासन दिया है कि वह यूरेनियम संवर्धन रोकने और परमाणु सामग्री छोड़ने को लेकर किस हद तक रियायतें देने को तैयार है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका 60 दिनों की अवधि के दौरान ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने और उसके जमा फंड्स को जारी करने पर भी बातचीत करने के लिए सहमत होगा।

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