तबलीग़ी जमात की एक ‘चूक’ सब-पे भारी !

Sandeep Singh1

एक भारतीय ही सभी धर्मो के प्रति आदर कर सकता है, उसे बचपन से यही संस्कार सिखाये जाते है, यही आप और हमने स्कूल, कॉलेज में सिखा है। लेकिन जब से कोरोना (कोविड़-19) वाइरस जब से भारत की जनता को अपने चपेट में ले रहा है, इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने पूरे देश को 21 दिनों के लॉकडाउन पर रखा है, जिससे जितने लोग इस वाइरस से पीड़ित हो उन्हें अलग कर इलाज दिया जा सके। इस दिशा में भारत कोरोना को मात देने के लिए सही कदम उठा चुका था, तभी दिल्ली के निजाममुद्दीन इलाके में तबलीग़ी जमात के 2000 लोगों के जमा होने की खबर मिली, और जब उनका मेडिकल कराया गया तो, उनमें से काफी कोरोना महामारी से ग्रसित मिले, और इसके बाद पूरे देश में जमात के लोग जिस तरह संकृमित् मिल रहे है, उससे मुस्लिम समाज इस समय मीडिया और सरकार को अपना दुश्मन समझ रहा है, वही समाज के अन्य लोगो में घबराहट का माहौल है।
इन खबरों को मीडिया जनमानस तक पहुंचाने का काम प्रमुखता से कर रहा है, तो यह तबलीग़ी जमात और इसके अनुयायी मीडिया को पानी पी-पीकर कोश रहे है। कुछ लोग तो सोशल मीडिया में लठ्ठ बजा रहे हैं। आप सभी से अपील है, अभी भी समय है मन बना लो, जितने जहाँ हो सब एक साथ सामने आओ, अपनी जाँच कराओ, साथ ही देश में सुकून से रहो, जहाँ से आये हो वहाँ भी भेजने की व्यवस्था सरकार करा देगी। अन्यथा भारत से बाहर जाने का रास्ता आप नहीं खोज पाओँगे।
हम सभी क्या देख रहे है, इंदौर में इलाज करने गई डॉक्टर की टीम पर पत्थर मार रहे हो, दिल्ली में आपको कितने अच्छे से सभी को बसो से अस्पतालों में ले जाकर टेस्ट कराए, और आप डॉक्टरों, मीडिया कर्मियों पर थूक रहे हो, सड़को पर थूक रहे हो, पेशाब को बोतल में भरकर फेक रहे हो, बिहार के मधुबनी में आपको मस्जिद से निकालने गए तो आप पुलिस पर पत्थर मार रहे हो, गाजियाबाद में डॉक्टरों के बीच इलाज के समय कपड़े उतारकर लेटे हो, गंदे गाने गा रहे हो, महिला डॉक्टरों को कॉमेंट कर रहे हो, जबकि दुनिया में इस समय कोरोना से लड़ने के लिए सिर्फ डॉक्टर और पुलिस और मीडिया के लोगो को सलाम कर रही है, जो इस बीमारी से लड़ने के लिए सबसे आगे बिना हथियार डटे हुए हैं।
आप कौन सी जमात के लोग हो, जो इनसे गलत व्यवहार कर रहे हो। आखिर इन लोगों ने तुम्हारा क्या बिगाड़ है? आप जाँच कराए, और 15-20 दिन में इस बीमारी को आप ठीक कर सकते है। आप ये बिलकुल नहीं सोचे कि डॉक्टर आपके खिलाफ है, मीडिया आपके खिलाफ है, सरकार आपको दोष दे रही है, पुलिस आपको मरेगी? अभी ऐसा कुछ नहीं हुआ है, सभी मुस्लिम समुदाय और अन्य समुदाय के लोग जिनका भी यह कहना मानते हो, इन्हे समझाने के लिए अभी समय है, आपको इलाज कराने का मौका दिया जा रहा है, अगर ये निकल गया, तो आप अपना तो नुकसान कर रहे हो, साथ में अपने आस-पास समाज के हर उस नागरिक का जो एक अच्छा जीवन जीने का अधिकार रखता है, और देश में कोरोना के खिलाफ इन 21 दिनों के लॉकडाउन में खुद को परिवार के साथ घर में कैद किये हुए हैं।
आप क्यों नहीं समझ रहे, ये बीमारी कितनी घातक हैं, आपकी तबलीकी जमात 1920 से चल रही है, और दुनिया के 140 देशों में हर साल लगाई जाती हैं। इसका सबसे बड़ा सेंटर भारत है। आप पूरी दुनिया में बदनाम हो चुके है, सिर्फ अभी भारत देश आपके पास जीवन दान के रूप में शेष है, जहा आप ठीक भी हो सकते है। दुनिया की बड़ी-बड़ी महाशक्ति इस कोरोना वायरस के सामने नतमस्तक है। दुनिया में अब तक इसने 10 लाख से ज्यादा लोगो को अपनी जद में ले लिया है। भारत में भी कई राज्यो में फेल गया है, लेकिन अच्छी बात यह है कि सिर्फ भारत में लोगों के ठीक होने का प्रतिशत अच्छा है। तो यहाँ चांस मिल रहा है।

सभी धर्म के लोग आये आगे
अगर किसी की मत खराब हो जाए, और उसे समझा कर सही रास्ते लेकर आये तो वह भी समझाने वाले को वेवकूफ और खुद को होशियार समझता है। या यू कहे कि जब बच्चे की तबियत खराब हो तो वह भी डॉक्टर से सुई लगवाने में डरता है, लेकिन उसके माँ-बाप का होसला मिल जाए, तो वो लगवा लेता है। वैसे ही आप सभी धर्म के लोग इनको समझाये। जिससे भारत इस संकट की घड़ी से बाहर आ सके, मुझे उम्मीद है ये लोग सही रास्ते पर आ जाए, अन्यथा सरकार आपके रास्ते भी बदले, तक काफी देर हो सकती है? ये आप सभी जमाती और मौलानाओ को मिलकर तय करना चाहिए।

जमातियो की वजह से दुनिया परेशान
आपको बता दू, ये वही तबलीग़ी जमात है जिसका एक धार्मिक आयोजन मलेशिया में कुआलालंपुर की एक मस्जिद में 27 फ़रवरी 2020 से 1 मार्च तक हुआ था। इसके बाद मलेशिया में इस आयोजन को कोरोना फेलाने की सबसे बड़ी वजह बताया गया, यही से 20 जमाती पर्यटक बीजा लेकर भारत की राजधानी दिल्ली के निजाममुद्दीन मरकस में पहुँचे, ऐसा रिकॉर्ड है। गलती किस की है? अभी सरकार और मीडिया को मत कोशने का समय नहीं है, ये मौका अपनी गलती स्वीकर करने का? कही ये मौका निकल गया तो आपको 100 साल तक आपकी पीढ़िया माफ नहीं करेगी?
मलेशिया के बक्या से तो साफ है कि इसी आयोजन में आए लोगों से दक्षिण-पूर्वी एशिया के कई देशों में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलाने का काम किया। मलोशिया में कोरोना संक्रमण के कुल जितने मामले सामने आये हैं उनमें से 2-तिहाई तबलीग़ी जमात के आयोजन का हिस्सा थे। ब्रुनेई में कुल 40 में से 38 लोग इसी मस्जिद के आयोजन में शामिल होने वाले कोरोना से संक्रमित पाए गए। अब आप खुद चुनाव करें, आप किस रास्ते पर आना चाहते है? अन्यथा आप खुद अपने समाज को खत्म कर देंगे, और आपकी पीढ़िया आपको विनाश काल में विपरीत बुद्धि के लिए याद रखेगी।

संदीप सिंह, पत्रकार, नई दिल्ली9685004646

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