प्रियंका गांधी का आरोप, कोरोना टीकाकरण नीति में पूरी तरह विफल सरकार

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नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र की टीकाकरण नीति को विफल करार देकर आरोप लगाया कि मोदी सरकार की दिशाहीनता के कारण ही टीके का उत्पादन और वितरण दोनों चौपट हो गया है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की नीति के चलते इस वक्त देश में टीके के अलग अलग दाम हैं, इंटरनेट एवं दस्तावेजों से वंचित लोगों को टीका लगाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

प्रियंका ने कहा, विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों का, और जल्द टीकाकरण कोरोना को हराने के लिए जरुरी है। जिन देशों ने अपने यहां आबादी को टीका लगवाया, उनके यहां कोविड-19 की दूसरी लहर का कम प्रभाव पड़ा। हमारे देश में दूसरी लहर, पहली से 320 फीसदी ज्यादा भयानक साबित हुई। इसके लिए जिम्मेदार कौन? उन्होंने आरोप लगाया, भारत के पास चेचक, पोलियो का टीका घर-घर पहुंचाने का अनुभव है, लेकिन मोदी सरकार की दिशाहीनता ने कोविड रोधी वैक्सीन के उत्पादन और वितरण दोनों को चौपट कर दिया है।

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘15 अगस्त 2020 के भाषण में (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी जी ने देश के हर एक नागरिक का टीकाकरण करने की ज़िम्मेदारी लेकर कहाथा कि पूरा खाका तैयार है। लेकिन अप्रैल 2021 में, दूसरी लहर की तबाही के दौरान, मोदी जी ने सबको वैक्सीन देने की ज़िम्मेदारी से अपने हाथ खींचते हुए, इसका आधा भार राज्य सरकारों पर डाल दिया।

उन्होंने दावा किया, ‘‘आज कई टीकाकरण केन्द्रों पर ताले लटके हैं एवं 18-45 साल के आयुवर्ग की आबादी को वैक्सीन लगाने का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है। मोदी सरकार की विफल टीकाकरण नीति के चलते अलग-अलग दाम पर टीके मिल रहे हैं। जो टीका केंद्र सरकार को 150 रुपये में मिल रहा है,वहीं राज्य सरकारों को 400 रुपये में और निजी अस्पतालों को 600 रुपये में मिल रहा है। टीका तो अंततः देशवासियों को ही लगेगा, तो फिर यह भेदभाव क्यों?

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