फ्रांस की जनता ने एक बार फिर इमैनुएल मैक्रों को पहनाया ताज, बने राष्ट्रपति

Emmanuel Macron as President

पेरिस। फ्रांस की जनता ने एक बार फिर इमैनुएल मैक्रों को जीत का ताज पहनाया है। राष्ट्रपति चुनाव में इमैनुएल मैक्रों ने पुन: जीत दर्ज की है। उन्होंने धुर दक्षिणपंथी उम्मीदवार मरीन ले पेन को मात दे दी। मैक्रों की जीत के बाद पेरिस से दंगों की खबर आ रही है। सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में पुलिस प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करते हुए नजर आ रही है। राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद दर्जनों लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन करने लगे। उग्र भीड़ को काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ गया।

फ्रांस में रविवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए दूसरे दौर का मतदान हुआ। मुकाबला था मौजूदा राष्ट्रपति और लोकप्रिय नेता इमैनुएल मैक्रों और धुर-दक्षिणपंथी उम्मीदवार मरीन ले पेन के बीच। जनता ने एकबार फिर मैक्रों को फ्रांस की सत्ता का ताज पहनाया। नतीजे सामने आने के बाद फ्रांस के पत्रकार साइमन लौवेटे ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया और पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच ‘गहरे तनाव’ का दावा किया।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। रविवार के वीडियो में पुलिस दंगाइयों से उलझती हुई नजर आई। सैकड़ों लोग तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे थे जिस पर लिखा था- ‘डिस्गस्ट विद मैकों’। प्रदर्शनकारियों ने एक मकबरे को निशाना बनाया जिसे रूसी हमले के बाद यूक्रेन के समर्थन में सजाया गया था। मैक्रों की जीत पर ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने उन्हें ट्विटर पर बधाई दी। उन्होंने लिखा, ‘एक बार फिर फ्रांस का राष्ट्रपति चुने जाने पर इमैनुएल मैक्रों को बधाई। फ्रांस हमारे सबसे करीबी और अहम सहयोगियों में से एक है।

मैक्रों ने जीत के बाद अपने भाषण में सभी को ‘शुक्रिया’ कहा और उस बहुमत की प्रशंसा की जिसने उन्हें ‘फ्रांस की सेवा’ के लिए और 5 साल का समय दिया है। मैक्रों ने उन लोगों को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने उन्हें जिताने के बजाय मरीन ले पेन को हराने के लिए मतदान किया। उन्होंने कहा कि अब मैं किसी एक पक्ष का उम्मीदवार नहीं हूं बल्कि मैं सभी का राष्ट्रपति हूं। ले पेन ने रुझान सामने आने के तुरंत बाद अपनी हार मान ली। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि वह राजनीति में बनी रहेंगी और कभी भी फ्रांस को नहीं छोड़ेंगी। मरीन ने नतीजों को ‘शानदार जीत’ करार दिया।

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