नई दिल्ली/डिजिटल टीम। कर्तव्य पथ पर होने वाले 77वें गणतंत्र दिवस समारोह को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने के लिए नई दिल्ली जिला पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और सुविधा व्यवस्था तैयार की है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस बार सुरक्षा इंतज़ाम पहले से कहीं अधिक मजबूत किए गए हैं, ताकि देश और विदेश से आने वाले विशिष्ट अतिथियों के साथ आमंत्रित दर्शक निश्चिंत होकर समारोह का आनंद ले सकें।
AI स्मार्ट चश्मे और फेशियल रिकग्निशन का इस्तेमाल
इस बार सुरक्षा में टेक्नोलॉजी का खास रोल है। दिल्ली पुलिस ने पहली बार AI-इनेबल्ड स्मार्ट ग्लासेस का इस्तेमाल किया है, जो संदिग्ध चेहरों को तुरंत पहचान लेते हैं। 3000 से ज्यादा CCTV कैमरे फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) से जुड़े हैं, जो 24×7 नजर रखेंगे। सरल भाषा में, पुलिस वाले चश्मे से किसी भी शक के व्यक्ति को फौरन पकड़ सकते हैं। ऊंची इमारतों पर एंटी-ड्रोन यूनिट और स्नाइपर टीम तैनात हैं, ताकि हवाई हमले से भी बचाव हो। यह हाईटेक सेटअप गणतंत्र दिवस को पूरी तरह सुरक्षित बनाएगा।
मल्टी-लेयर घेराबंदी: 4 लेयर चेकिंग सिस्टम
कर्तव्य पथ और आसपास के इलाकों में चार लेयर की वाहन चेकिंग है। पहले लेयर पर बेसिक चेक, फिर एडवांस्ड स्कैनिंग, उसके बाद स्पेशल टीम और अंत में फाइनल वेरिफिकेशन। सरल शब्दों में, कोई भी वाहन या व्यक्ति बिना चेक के अंदर नहीं जा सकता। इंडिया गेट, राजपथ के आसपास बैरिकेड्स और पैट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। दिल्ली मेट्रो में भी एक्स्ट्रा सिक्योरिटी चेक हैं, कुछ स्टेशनों के गेट्स 23 और 26 जनवरी को सुबह 3 बजे से बंद रहेंगे।
मेहमानों की सुविधा पर फोकस
रक्षा मंत्रालय ने करीब 10 हजार स्पेशल मेहमानों को आमंत्रित किया है, जिनमें देशभर से योगदान देने वाले लोग शामिल हैं। इनकी सुविधा के लिए 22 पार्किंग जोन (8000 वाहनों के लिए), 12 हेल्प डेस्क, कार कॉलिंग सिस्टम और शटल सर्विस शुरू की गई है। इससे मेहमान आसानी से पहुंच सकें, इसके लिए डिजिटल नेविगेशन, एनिमेटेड गाइड और ग्राउंड सपोर्ट बढ़ाया गया है। बैठने की जगहों का नाम भारतीय नदियों के नाम पर रखा गया है। मेहमानों को नेशनल वॉर मेमोरियल और PM म्यूजियम की टूर भी मिलेगी।
ऊंची इमारतों पर विशेष दस्ते…
गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनज़र पूरे इलाके में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है, जिसमें दिल्ली पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। कर्तव्य पथ और उसके आसपास के क्षेत्रों पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आधुनिक तकनीक से लैस निगरानी तंत्र के ज़रिये हर गतिविधि पर पैनी नज़र रखी जा रही है। ऊंची इमारतों पर विशेष दस्ते और प्रशिक्षित निशानेबाज तैनात किए गए हैं, जबकि आसमान पर भी विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टालने के लिए होटलों, गेस्ट हाउसों, किरायेदारों और घरेलू सहायकों का सघन सत्यापन अभियान भी चलाया जा रहा है।
सभी स्टेशनों पर लगातार घोषणाएं की जा रही हैं…
इस बार दर्शक दीर्घाओं के नाम देश की प्रमुख नदियों के नाम पर रखे गए हैं, ताकि आगंतुकों को पहचान में आसानी हो। पुलिस ने आमंत्रित मेहमानों से अपील की है कि वे अपने निमंत्रण पत्र पर दिए गए विवरण को ध्यान से पढ़ें और निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करें। विस्तृत मार्ग मानचित्र, पार्किंग व्यवस्था और दर्शक दीर्घाओं की जानकारी रक्षा मंत्रालय और दिल्ली पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। मेट्रो रेल सेवा के सहयोग से सभी स्टेशनों पर लगातार घोषणाएं की जा रही हैं। अलग-अलग दर्शक दीर्घाओं के लिए तय किए गए मेट्रो स्टेशनों पर उतरने की सलाह दी गई है। विशेष आमंत्रितों के लिए मेट्रो में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
किसी भी तरह के हथियार ले जाना सख्त मना…
समारोह स्थल तक पहुंचने के लिए तय रास्तों, संकेतक बोर्डों और मार्गदर्शक बैरिकेड का पालन करने की अपील की गई है। प्रवेश स्थलों पर दिल्ली पुलिस के सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं, जहां से लोग मार्गदर्शन ले सकते हैं। सुरक्षा कारणों से दर्शक दीर्घाओं के भीतर बैग, खाने-पीने का सामान, मोबाइल फोन के अलावा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पानी की बोतल, छाता, धारदार वस्तुएं, ज्वलनशील पदार्थ और किसी भी तरह के हथियार ले जाना सख्त मना है।

