नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आम लोगों को राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल पर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर दी है।अब पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटकर सिर्फ 3 रुपये प्रति लीटर रह गई है। वहीं, डीजल पर यह ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है, यानी अब डीजल पर एक्साइज ड्यूटी शून्य हो गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दी जानकारी
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस कटौती का मकसद जनता पर बोझ न पड़ने देना है। दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। भारत कच्चा तेल बाहर से खरीदता है और फिर कई तरह के तेल निर्यात भी करता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन में 2 मुख्य बातें थीं। जिसमें पहली आम जनता के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ने चाहिए। और दूसरी देश में तेल की आपूर्ति बनी रहनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की कमी न हो। इसीलिए सरकार ने निर्यात करने वाली रिफाइनरियों पर भी टैक्स लगा दिया है। इससे घरेलू बाजार में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई सुरक्षित रहेगी।
सरकार क्यों लिया बड़ा फैसला
वित्त मंत्री ने कहा कि बढ़ती वैश्विक कीमतों का बोझ सरकार खुद उठा रही है। इससे आम लोगों के लिए ईंधन महंगा नहीं होगा। उन्होंने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि अगर तेल कंपनियों को यह राहत न मिलती तो जनता को ज्यादा महंगा तेल खरीदना पड़ता। रामनवमी के दिन प्रधानमंत्री मोदी की बैठक हुई थी। रात में इस फैसले की तैयारी की गई और सुबह संसद में इसकी घोषणा कर दी गई।
मिडिल ईस्ट संकट का असर
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में तनाव बढ़ने से वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट की वजह से सप्लाई प्रभावित हो रही है।सरकार ने पहले ही साफ कर दिया कि भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक खरीदारी से बचें।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें कितनी प्रभावित होंगी?
एक्साइज ड्यूटी घटने से तेल कंपनियों को राहत मिलेगी, लेकिन पेट्रोल पंप पर दाम तुरंत घटने की गारंटी नहीं है। सरकार का मकसद दाम स्थिर रखना है ताकि वैश्विक उछाल का असर आम लोगों पर न पड़े। तेल कंपनियां घाटे को कम करने के लिए इस राहत का इस्तेमाल कर सकती हैं।सरकार ने पहले ही कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है। किसी तरह की कमी नहीं है।

