नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और राष्ट्र पुरस्कार विजेता नाना पाटेकर (विश्वनाथ पाटेकर) का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। खबरों के मुताबिक, गोवा स्थित उनके आवास पर अचानक दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ने के बाद वे बेहोश पाए गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों और लगभग 45 मिनट तक सीपीआर (CPR) दिए जाने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
चिकित्सकों के अनुसार, नाना पाटेकर को सुबह अचानक सीने में तेज दर्द और कार्डियक अरेस्ट की शिकायत हुई थी। चिकित्सा टीम ने कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) सहित सभी आवश्यक मेडिकल प्रयास किए। हालांकि, स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरा देश और बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री गहरे शोक में डूब गई है।
अपनी कड़क आवाज, अद्वितीय संवाद अदायगी और दमदार अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर ने ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘वेलकम’ और ‘नटसम्राट’ जैसी कई यादगार फिल्मों में काम किया। अभिनय के अलावा, वे अपनी दरियादिली और सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते थे। उन्होंने ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त किसानों और उनके परिवारों की मदद के लिए सालों तक अभूतपूर्व काम किया।
नाना पाटेकर के अचानक गुजर जाने की खबर से सिनेमाजगत के दिग्गजों, राजनीतिक हस्तियों और उनके लाखों प्रशंसकों में गहरा शोक है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और भारतीय सिनेमा में उनके अभूतपूर्व योगदान को याद कर रहे हैं।

