नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 मार्च 2026 को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस बैठक का मुख्य मुद्दा मिडिल ईस्ट संकट था। ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित हो रहा है। इससे भारत में तेल, पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। पीएम मोदी ने साफ तौर पर कहा कि देश को तैयार रहना चाहिए, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं।
देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा
पीएम मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों को सीधा संदेश दिया- देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने कोई ऐसा फैसला नहीं लिया है और न ही लेगी। अफवाहें पूरी तरह गलत हैं। भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार हैं और 41 देशों से सप्लाई डाइवर्सिफाई की जा रही है। पीएम ने जोर देकर कहा कि पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी लॉकडाउन की खबरों को सिरे से खारिज कर चुके हैं।
कोविड जैसी तैयारियां लेकिन लॉकडाउन नहीं
पीएम मोदी ने सीएमएस से अपील की कि केंद्र और राज्य टीम इंडिया की तरह काम करें। उन्होंने कोविड-19 के समय की याद दिलाई जब पूरा देश एकजुट होकर लड़ा था। लेकिन उन्होंने साफ किया कि मिडिल ईस्ट संकट में कोविड जैसा लॉकडाउन नहीं लगेगा। सिर्फ तैयारी, सप्लाई चेन सुधार और जमाखोरी रोकना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, चंद्रबाबू नायडू, रेवंत रेड्डी समेत कई बड़े सीएम बैठक में शामिल हुए।
मिडिल ईस्ट संकट से भारत पर क्या असर?
ईरान युद्ध के 28वें दिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से ग्लोबल ऑयल प्राइस बढ़ रहे हैं। भारत 80% तेल आयात करता है। इसलिए पीएम मोदी ने राज्यों से कहा कि लोकल लेवल पर फ्यूल डिस्ट्रीब्यूशन चेक करें, होर्डिंग न होने दें और आम लोगों को कोई परेशानी न हो। सरकार लगातार 41 देशों से बात कर रही है ताकि सप्लाई बनी रहे।
मुख्यमंत्रियों को क्या निर्देश दिए गए?
मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल थे। पीएम मोदी ने सभी सीएम से कहा – पैनिक मत फैलाओ, अफवाहों पर रोक लगाओ और राज्य स्तर पर तैयारियां मजबूत करो। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के सीएम ने अपनी राज्य की स्थिति बताई।

