नई दिल्ली। स्कूल में फेयरवेल पार्टी मनाकर घर लौट रहे दसवीं कक्षा के छात्र सुधांशु की मंगोलपुरी इलाके में बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावरों ने छात्र के सिर में चाकू घोंप दिया, जो उसके माथे में ही फंसा रह गया। सड़क पर खून से लथपथ पड़े छात्र को देखकर राहगीरों की रूह कांप उठी। आनन-फानन में उसे ई-रिक्शा से संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
यह वारदात मंगोलपुरी में नाबालिग गैंग के बढ़ते आतंक की एक और खौफनाक मिसाल बन गई है। 16 वर्षीय सुधांशु सोमवार को अपने स्कूल में आयोजित फेयरवेल पार्टी में शामिल होकर घर लौट रहा था। रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे 4 नाबालिगों ने उसे घेर लिया और बिना किसी चेतावनी के उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों का गुस्सा इस कदर भयानक था कि उन्होंने तब तक वार किए, जब तक सुधांशु जमीन पर निढाल होकर गिर नहीं पड़ा। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
चंद दिनों बाद ही थी बोर्ड परीक्षा, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मंगोलपुरी पुलिस को एल-ब्लॉक पानी की टंकी के पास एक छात्र को चाकू मारने की पीसीआर कॉल मिली। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने देखा कि सुधांशु के कान के ऊपर चाकू गड़ा हुआ था और वह खून से लथपथ हालत में पड़ा था। उसे तत्काल संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया है और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, सुधांशु एक सरकारी स्कूल में दसवीं कक्षा का छात्र था। कुछ ही दिनों बाद उसकी बोर्ड परीक्षा शुरू होने वाली थी। परिवार के अनुसार सुधांशु पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर था और दिन-रात परीक्षा की तैयारी में जुटा रहता था। उसके दादा सूरज ने कांपती आवाज में बताया कि सोमवार सुबह वह हमेशा की तरह स्कूल के लिए निकला था। किसी को अंदेशा तक नहीं था कि यह उसकी आखिरी सुबह होगी।
परिजनों के मुताबिक कुछ देर बाद सुधांशु के दोस्त चूई ने खून से सनी शर्ट में आकर बताया कि उस पर चाकू से हमला कर दिया गया है। यह सुनते ही परिवार और मोहल्ले के लोग बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे। वहां स्ट्रेचर पर अचेत पड़े सुधांशु को देखकर हर किसी की आंखें भर आईं। सिर में धंसा चाकू और बहता खून इस बात की गवाही दे रहा था कि हमला कितना बेरहम था।

